असम-मध्य प्रदेश के बीच वन्यजीव विनीमय पर हुआ समझौता, आदान-प्रदान किए जाएंगे ये वन्यजीव….

भोपाल (मध्यप्रदेश)

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने अपने असम दौरे के दौरान गुरुवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा के साथ वन्यजीव विनीमय पर एक अहम फैसला लिया। इस फैसले के तहत इन दोनों राज्यों के बीच कुछ वन्यजीवों का आदान-प्रदान किया जाएगा। इस योजना पर काफी समय से विचार किया जा रहा था, जिसको अब अधिकारिक रूप से मंजूरी मिल चुकी है। इस समझौते से दोनों राज्यों में वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

असम से मध्य प्रदेश में आएंगे ये वन्यजीव

इस समझौते के तहत असम से 50 जंगली भैंसे, एक जोड़ा एक-सींग वाला गैंडा और तीन कोबरा को मध्य प्रदेश भेजा जाएगा। लाए गए इन सभी वन्यजीवों को भोपाल के वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में रखा जाएगा, जिसके बाद उन्हें प्रदेश के विभिन्न अभयारण्यों में स्थानांतरित किया जाएगा। इस योजना का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश में 100 वर्ष पहले विलुप्त हो चुकी जंगली भैंसों की प्रजाति को फिर से बसाने से है। इससे जंगली भैंसों का पुनर्स्थापना तो होगा ही साथ ही पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

मध्य प्रदेश से असम भेजें जाएंगे एक जोड़ा टाइगर और 6 मगरमच्छ

इस वन्यजीव विनीमय समझौते के तहत मध्य प्रदेश से एक जोड़ा टाइगर और 6 मगरमच्छ को असम भेजा जाएगा। इस आदान-प्रदान की प्रक्रिया में दोनों राज्यों में नए वन्यजीवों के जाने से उनके कुनबों को बढ़ाने में मदद मिलेगी, साथ ही साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

3 साल में तीन ग्रुप में आएंगे ये सभी वन्यजीव

इन सभी वन्यजीवों को तीन साल के अंदर तीन ग्रुपों में भेजा और लाया जाएगा। इसकी पूरी प्रकिया चरणबद्ध और वैधानिक तरीके से की जाएगी। मध्य प्रदेश सरकार ने केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण और भारत सरकार से इस वन्यजीव विनीमय प्रकिया का प्रस्ताव भेज दिया है। यहां से मंजूरी मिलने के बाद इस प्रकिया को जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा।

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MB Luwang
MB Luwang
Forest and Environmental reporter at The ForestTimes.

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