कैमूर (बिहार)
जल्द ही बिहार को उसका दूसरा टाइगर रिजर्व मिलने वाला है। हाल ही में राज्य सरकार ने कैमूर वन्यजीव अभयारण्य को बिहार के दूसरे बाघ अभयारण्य के रूप में मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही राज्य सरकार ने केंद्र सरकार और एनटीसीए को इसे अधिकारिक रूप से मान्यता प्रदान करने के लिए प्रस्ताव भेज दिया है, जिसकी प्रतिक्रिया बेसब्री से इंतजार है।
कैमूर वन्यजीव अभयारण्य से जुड़ी कुछ खास जानकारियां
कैमूर वन्यजीव अभयारण्य को बिहार के सबसे बड़े वन्यजीव अभयारण्य के रूप में जाना जाता है। लगभग 1342 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला यह अभयारण्य कैमूर और रोहतास जिलों में स्थित ‘कैमूर पर्वत श्रृंखला’ पर मौजूद हैं। इसकी एक और खास बात है कि बिहार की दो मुख्य नदियां सोन और कर्मनासा, इसके पास बहती हैं।
ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण ‘मुंडेश्वरी मंदिर’ भी यहीं स्थित है। करकट और तिलहार झरने भी यही स्थित हैं। इसके साथ ही यह अभयारण्य बाघ, तेंदुआ, सांभर, चीतल, नीलगाय, स्लॉथ भालू, जंगली सूअर, और चार सींग वाला मृग जैसे कई अन्य वन्यजीवों का घर है।
बिहार को मिलेगा उसका दूसरा बाघ अभयारण्य
एनटीसीए और केंद्र सरकार से अधिकारिक मंजूरी मिलने के बाद कैमूर वन्यजीव अभयारण्य को बिहार के दूसरे बाघ अभयारण्य के रूप में पहचान मिल जाएगी। फिलहाल, वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) बिहार का एकमात्र बाघ अभयारण्य है। अगर कैमूर वन्यजीव अभयारण्य को अधिकारिक मंजूरी मिल जाती है, तो इससे क्षेत्र में ईको-टूरिज्म और रोजगार को काफी हद तक बढ़ावा मिलेगा।
क्यों बाघों के लिए उपयुक्त निवास बना कैमूर वन्यजीव अभयारण्य
चारों तरफ से पहाड़, पानी और जंगल से घिरा कैमूर वन्यजीव अभयारण्य बाघों के लिए उपयुक्त निवास स्थान बन गया है। वन विभाग और वन्यजीव विशेषज्ञो ने जानकारी दी कि पिछले कुछ सालों में कैमूर में बाघों की संख्या बढ़ी है, जो इस बात का प्रमाण देती है कि कैमूर बाघों के लिए उपयुक्त स्थान बन रहा है। बाघों के साथ-साथ अन्य वन्यजीवों की गतिविधियों में लगातार इजाफा दर्ज किया, जो इसे बाघ अभयारण्य बनानें के लिए पर्याप्त है।
Author Profile

Latest entries
UncategorizedFebruary 3, 2026अंतरराष्ट्रीय मानव बंधुता दिवस और हमारा पर्यावरण
UncategorizedFebruary 3, 2026International Day of Human Fraternity and our Environment
UncategorizedFebruary 3, 2026विश्व आर्द्रभूमि दिवस 2026 एवं मणिपुर की लोकतक झील
UncategorizedFebruary 2, 2026WORLD WETLANDS DAY 2026 AND THE LOKTAK LAKE OF MANIPUR
