सिवनी (मध्य प्रदेश)
मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में स्थित पेंच टाइगर रिजर्व से एक बेहद मनमोहक और रोमांचक क्षण सामने आया। जब प्रसिद्ध बाघिन ‘जुगनू’ अपने पांच नन्हे शावकों के साथ जंगल सफारी के दौरान पर्यटकों के सामने से गुजरी। इस मनमोहक दृश्य को देखकर पर्यटक रोमांचित हो उठे और कई लोगों ने इस दुर्लभ पल को अपने कैमरे में कैद कर लिया। बाघिन और उसके शावकों का सड़क पार करते हुए यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
दुर्लभ नजारा जिसने मोह लिया सबका मन
यह घटना सोमवार सुबह पेंच नेशनल पार्क के खवासा बफर क्षेत्र के पास हुई। सुबह की सफारी के लिए निकले पर्यटकों के वाहनों के सामने अचानक घने जंगल से ‘जुगनू’ अपने पूरे परिवार के साथ बाहर निकली। आगे मां बाघिन चल रही थी और उसके पीछे-पीछे उसके पांच छोटे शावक, मानो जंगल में शाही वॉक कर रहे हों।
पर्यटकों ने बताया कि यह एक अविश्वसनीय अनुभव था। आमतौर पर बाघ शर्मीले होते हैं और इतनी आसानी से लोगों के सामने नहीं आते है, लेकिन जुगनू और उसके शावकों ने बिना किसी डर के सड़क पार की। इस दौरान सफारी गाइड और चालकों ने सावधानी बरतते हुए वाहनों को रोक दिया और शांति बनाए रखी, जिससे बाघ परिवार को कोई परेशानी न हो। इस क्षण ने सभी वन्यजीव प्रेमियों के चेहरों पर मुस्कान ला दी।

कौन है ‘जुगनू’ बाघिन?
‘जुगनू’ पेंच टाइगर रिजर्व की एक जानी-मानी और महत्वपूर्ण बाघिन है। उसे ‘जुनेवानी’ या ‘जुगनी’ के नाम से भी पुकारा जाता है। वह ‘कॉलरवाली’ बाघिन की वंशावली से आती है, जिसे ‘सुपर मॉम’ के नाम से भी जाना जाता था। जुगनू अपनी मां की विरासत को आगे बढ़ा रही है।
इससे पहले भी जुगनू को चार शावकों के साथ देखा गया था, लेकिन इस बार पांच शावकों की मौजूदगी ने वन विभाग की खुशी बढ़ा दी है। यह दर्शाता है कि पेंच टाइगर रिजर्व का प्रबंधन और यहाँ का प्राकृतिक आवास बाघों के प्रजनन और संरक्षण के लिए कितना उपयुक्त है।
अद्भुत होते हैं ऐसे पल
इस तरह की दुर्लभ तस्वीरें और वीडियो निश्चित रूप से पेंच टाइगर रिजर्व में पर्यटन को बढ़ावा देंगे। वन्यजीव प्रेमी और फोटोग्राफर अक्सर ऐसे पल के लिए तरसते हैं। जुगनू और उसके पांच शावकों के इस शाही दीदार ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि पेंच भारत में बाघों को देखने के लिए सबसे अच्छी जगहों में से एक है। पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और वन्यजीवों को परेशान न करने के लिए, पार्क प्रबंधन ने दिशानिर्देश जारी किए हुए हैं, जिनका सख्ती से पालन किया जाता है।
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