‘टाइगर स्टेट’ में हो रही बाघों की मौत का आखिर कौन है जिम्मेदार….

सागर (मध्य प्रदेश)

मध्य प्रदेश जिसे ‘टाइगर स्टेट’ का दर्जा प्राप्त है, लेकिन इस साल प्रदेश में हुई बाघों की मौतों ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। अभी वैसे ही प्रशासन मौत के उन आंकड़ों से उभरा नहीं था, इसी दौरान रविवार को सागर जिले में हुई एक और घटना ने दुखती रग पर हाथ रख दिया‌।

इस साल के आंकड़ो के अनुसार प्रदेश में अबतक कुल 55 बाघों की मौत हो चुकी हैं। साल के अंतिम सप्ताह में हुई इस घटना ने ‘टाइगर स्टेट’ के दर्जे पर धब्बा लगाने का काम किया है, साथ ही प्रदेश में चल रहे वन्यजीव संरक्षण कार्यों पर भी गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है।

इस साल अब तक 55 बाघो की हो चुकी है मौत

यह घटना रविवार को मध्य प्रदेश के सागर जिले के हिलगन के जंगल में हुई, जब कुछ ग्रामीणों ने जंगल में एक बाघ के शव को देखा। बाघ की उम्र लगभग 8 साल बताई जा रही है। शव देखते ही ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी‌।

जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर घटनास्थल पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी। इस घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग बाघ को देखने के लिए इकट्ठा हो गए।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट का है इंतजार

बाघ के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जिसके रिपोर्ट का इंतजार है। प्रारम्भिक जांच में बाघ के शरीर पर किसी भी तरह का निशान नहीं मिला है, जिससे अवैध शिकार की उम्मीद कम लगाई जा रही है। शव के सभी अंग सुरक्षित मिले हैं। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार बाघ की मौत प्राकृतिक मानी जा रही है। हालांकि, मौत के सटीक कारण तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने के बाद ही पता चलेगा।

‘टाइगर स्टेट’ के दर्जे पर लग रहा धब्बा

इस साल मध्य प्रदेश में कुल 55 बाघों की मौत हो चुकी है, जो अबतक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। अकेले दिसंबर महीने में यह 7वीं मौत है। मौत के इन आंकड़ो ने प्रदेश को मिले ‘टाइगर स्टेट’ के दर्जे पर तो धब्बा लगा ही दिया है साथ ही वन्यजीव संरक्षण के लिए चल रहे कार्यो पर भी गंभीर सवाल खड़ा कर रही है।

फिलहाल, वन विभाग पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिसके बाद ही मौत के असली कारण का पता चल सकेगा और आगे की कार्रवाई

Author Profile

MB Luwang
MB Luwang
Forest and Environmental reporter at The ForestTimes.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top