चेन्नई (तमिलनाडु)
तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश की सीमा पर स्थित एक जंगल में तीन हाथियों के सड़े-गले शव मिलने से हड़कंप मच गया है। इनमें एक हाथी का बच्चा भी शामिल है। इस घटना ने वन्यजीव अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है क्योंकि पिछले ढाई महीनों में इस क्षेत्र में कुल छह हाथियों की रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत हुई है। इस घटना के बाद दोनों राज्यों की वन विभाग की टीमों ने संयुक्त जांच शुरू कर दी है।
तीन हाथियों के शव के मिले अवशेष
वन विभाग के कर्मचारियों को वेल्लोर जिले के पेरनामबुट शहर के पास भैमाला जंगल में नियमित गश्त के दौरान पानी के एक गड्ढे के पास हाथियों के अवशेष मिले। शव इतनी बुरी तरह सड़ चुके थे कि उनकी मौत का तत्काल कारण पता नहीं चल सका। स्थानीय चरवाहों ने सबसे पहले पानी के स्रोत के पास अवशेषों को देखा और वन विभाग को सूचित किया, जिसके बाद लगभग 60 से अधिक तमिलनाडु और 13 आंध्र प्रदेश के वन अधिकारियों की टीम निरीक्षण के लिए मौके पर पहुंची।
मौत के कारण जानने का हो रहा प्रयास
हाथियों की मौत के पीछे का सही कारण जानने के लिए उनके शवों का पोस्टमार्टम किया जा रहा है और फोरेंसिक नमूने एकत्र किए गए हैं। प्रारंभिक रिपोर्टों के बाद ही मौत के कारणों की पुष्टि हो पाएगी। अधिकारियों ने कहा कि अगर किसी भी तरह की साजिश सामने आती है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह जंगल कोंडापल्ली रिजर्व फॉरेस्ट के पास और आंध्र प्रदेश के कौंडिन्य वन्यजीव अभयारण्य से सटा हुआ है, जो हाथियों का एक अंतरराज्यीय गलियारा है।
चिन्ता का विषय है यह घटना
इस विशेष क्षेत्र में कम समय में इतनी अधिक हाथियों की मौत ने निगरानी में कमी के आरोपों को जन्म दिया है। यह घटना मानव-हाथी संघर्ष के बढ़ते मामलों और हाथियों के आवासों के सिकुड़ने जैसे गंभीर खतरों को उजागर करती है, जो एशियाई हाथियों की आबादी के लिए चुनौती बने हुए हैं। वन विभाग ने आश्वासन दिया है कि मामले की वैज्ञानिक और गहन जांच की जा रही है।
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