नई दिल्ली
देश की राजधानी दिल्ली में लोग प्रकृति की दोहरी मार को झेल रहे हैं। एक तरफ मौसम का कहर और दूसरी तरफ जहरीली हवा, दोनों ने मिलकर दिल्लीवासियों को सांस लेना भी दूभर कर दिया है। यहां तक कि पिछले दो दिनों से प्रदेश के कई हिस्सों में AQI 450 से 500 के बीच दर्ज किया गया, जिससे वहां की जहरीली हवा का अंदाजा लगाया जा सकता है। ठंड के कोहरे और वायु प्रदुषण ने मिलकर ऐसा तांडव मचाया है, कि लोगों को सांस लेना भी मुश्किल हो गया है।
आखिर जीने के लिए सांस ले, तो ले कैसे
सांस लेना इंसान के लिए बेहद जरूरी है, बिना सांस के जीवन असंभव है। पर जरा सोचिए कि, जीने के लिए ली जा रही आपकी हर एक सांस, धीरे-धीरे आपको मौत के घाट लेकर जा रही हो।
है! न अचरज की बात। यही दुर्दशा है दिल्ली के लोगों की। वहां की हवा इतनी प्रदुषित हो चुकी है कि वहां पर ली गई हर दिन की सांस, 20-25 सिगरेट पीने के बराबर है। यानि जीते जी मौत से सामना करना। इसका सबसे अधिक प्रभाव बुजुर्गों और छोटे बच्चों पर हो रहा है। प्रशासन इसपर लगाम लगाने के लिए कई तरह के हथकंड़े अपना रही है, पर हालत दिन-पर-दिन बद से बद्तर होते ही चले जा रहे है।
विजिबिलिटी हुईं शून्य
भयंकर कोहरे और वायु प्रदुषण ने दिल्ली की हवा को ऐसे आगोश में लिया है कि जहरीले स्मॉग की मोटी चादर ने पूरे शहर की विजिबिलिटी को शून्य तक पहुंचा दिया है। यानि दिल्ली की सड़कों पर कुछ साफ तरीके से दिखाई नहीं दे रहा है। दिक्कत इस कदर बढ़ चुकी है कि यातायात और उड़ानों पर बुरी तरह प्रभाव पड़ रहा है।
यही नही इसका लोगों के स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव पड़ रहा है। एक सर्वे के अनुसार दिल्ली में पिछले कुछ सालों में सांस के मरीजों की संख्या में 30-40% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो बेहद चिंतनीय है।
प्रशासन द्वारा उठाए जा रहे हैं एक्सन प्लान
इस समस्या से उभरने के लिए दिल्ली सरकार तरह-तरह के हथकंड़े अपना रही है, लेकिन उन सबका कुछ खास प्रभाव पड़ता नजर नहीं आ रहा है। बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रदेश में GRAP के चौथे चरण को लागू किया गया है।
इसके तहत निम्नलिखित पाबंदियां लगाई गई हैं-:
- भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक- CNG/इलेक्ट्रिक वाहनों को छोड़कर, बाहरी राज्यों से आए भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दिया गया है।
- निर्माण कार्यों पर रोक- प्रदेश में चल रहे सभी सार्वजनिक निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी गई है।
- स्कूलों की छुट्टियां- दिल्ली और एनसीआर में कक्षा 12 तक के सभी स्कूलों को बंद करवा कर ऑनलाइन क्लासेस चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
- वर्क फ्रॉम होम- सरकारी और निजी कार्यालयों को 50% कर्मचारियों को ‘वर्क फ्रॉम होम’ करने का निर्देश दिया गया है।
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