पलामू से गायब हुई हथिनी, छपरा मे हुई बरामद

छपरा (बिहार)

पलामू से गायब हुई हथिनी ‘जयामति’ आखिरकार बरामद कर ली गई है। उसके शरीर में लगे चिप (ट्रैकिंग डिवाइस) की मदद से पुलिस उसकी लोकेशन तक पहुंचने सफल रही, और उसे बिहार के छपरा जिले के अमनौर थाना क्षेत्र के पहाड़पुर गांव से बरामद कर लिया गया। जांच में सामने आया कि हथिनी को चोरी से पहाड़पुर गांव के ही निवासी गोरख सिंह उर्फ अभिमन्यु को 27 लाख रुपये में बेच दिया गया था। जबकि उसकी अनुमानित कीमत एक करोड़ रुपये से भी अधिक मानी जा रही है।

क्या है पूरा मामला

12 सितंबर को पलामू सदर थाना में एक FIR दर्ज करायी गयी, जिसमे वादी उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर निवासी नरेंद्र कुमार शुक्ला ने बताया कि उसने अपने तीन अन्य सहयोगियों से मिलकर 40 लाख रुपये में एक हथिनी खरीदी थी। क्षेत्र मे चारे की कमी के वजह से हथिनी को उसके महावत के साथ पलामू जिले के जोड़ इलाके मे रखा गया था। 11 अगस्त को वे हथिनी और उसके महावत से मिलने पलामू पहुंचे थे। 13 अगस्त को दोबारा जब वो पलामू पहुचे, तो उन्हें पता चला कि हथिनी और महावत दोनों गायब हैं। कुछ देर छानबीन करने के बाद भी जब उनका पता नही चला फिर उन्होंने पुलिस की मदद लेना ठीक समझा।

अन्य तीनों साझेदारों ने ही बेची थी हथिनी

शिकायत दर्ज होने के बाद पलामू पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया। हाथी को बरामद करने के लिए एक टीम गठित की गई जिसने 28 सितंबर को हाथिनी को बिहार के पहाड़पुर गांव से बरामद किया। जांच मे पूरा मामला सामने आया जिससे हाथिनी को वादी नरेंद्र कुमार शुक्ला के अन्य तीनों साझेदारों ने ही आपस मे मिलकर हाथिनी को पहाड़पुर गांव के गोरख सिंह उर्फ अभिमन्यु को 27 लाख रुपये में बेच दिया गया था, जिसके बारे मे नरेंद्र कुमार शुक्ला को पता नही था। हाथी के अंदर चिप (ट्रैकिंग डिवाइस) लगा हुआ था जिसकी मदद से पुलिस हथिनी तक पहुंच सकी।

हथिनी की कीमत है 1 करोड़ से भी अधिक

हाथिनी ‘जयामति’ को चारों साझेदारों ने मिलकर 40 लाख रुपए मे खरीदा था। इस वक्त की उसकी कामत 1 करोड़ रुपए से भी अधिक बताई जा रही है। वही तीनों साझेदारों ने चोरी से उसे मात्र 27 लाख रुपए मे ही बेच दिया। हाथिनी ‘जयामति’ की तलाश में पलामू जिले की वन विभाग टीम ने भी पुलिस की सहायता की थी जिसकी मदद से हथिनी को सकुशल बरामद कर लिया गया।

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MB Luwang
MB Luwang
Forest and Environmental reporter at The ForestTimes.

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