फंदे मे फंसी मादा तेंदुए का वन विभाग ने किया रेस्क्यू

इंदौर (मध्य प्रदेश)

मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में वन विभाग की टीम ने सोमवार को एक मादा तेंदुए का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया, जो महू के पास तीखी पहाड़ी की झाड़ियों में लगाए गए एक फंदे में फंसकर घायल हो गई थी। फंदे मे फंसने की वजह से उसे गंभीर चोटें भी आयी थी। वन विभाग ने उसे बचा कर आगे उसके इलाज के लिए इंदौर चिड़ियाघर भेज दिया।

खेत मे लगे फंदे मे फंस गयी तेंदुआ

मिली जानकारी के मुताबिक यह घटना रविवार रात की बतायी जा रहीं है। जब एक 6 साल की मादा तेंदुआ दतोदा-हरसोला रोड पर तीखी पहाड़ी के पास एक किसान के खेत के पास लगे क्लच वायर के फंदे में फंस गई। यह फंदा आम तौर पर खेत को जंगली सुअरों और नीलगाय जैसे जानवरों से फसलों को बचाने के लिए लगाया गया था, लेकिन दुर्भाग्यवश उसमें तेंदुआ फंस गयी। फंदे में फंसने के कारण तेंदुए ने खुद को छुड़ाने का बहुत संघर्ष किया, जिसमें उसके पिछले पैर में गंभीर चोटें भी आईं।

सुबह ग्रामीणों ने दिया वन विभाग को इसकी जानकारी

सोमवार सुबह जब कुछ ग्रामीणों ने तेंदुए को फंदे मे फंसे देखा, तो उन्होंने तुरंत इसकी जानकारी वन विभाग को दी। ख़बर मिलते ही महू और इंदौर वन विभाग की टीम ने घटनास्थल पर पहुची और तेंदुए को रेस्क्यू करने का प्रयास करने लगी। टीम ने सबसे पहले तेंदुए को बेहोश किया, जिसके बाद बचाव दल ने सावधानीपूर्वक उसे फंदे से मुक्त किया। यह ऑपरेशन लगभग 45 मिनट तक चला। फंदे मे फंसने की वजह से तेंदुए को कई गंभीर चोटें आयी थी।

आगे के इलाज के लिए भेजा गया इंदौर चिड़ियाघर

वन विभाग ने तेंदुए का सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर उसे आगे के इलाज के लिए इंदौर चिड़ियाघर ले जाया गया। चिड़ियाघर के प्रभारी डॉ. उत्तम यादव ने बताया कि तेंदुए की चोटों का इलाज किया जा रहा है और वह अब सुरक्षित है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर, पूरी तरह से स्वस्थ होने के बाद उसे घने जंगल क्षेत्र में छोड़ दिया जाएगा।

क्या रहीं आगे की कार्रवाई

वन विभाग ने इस मामले में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि यह फंदा किसने और क्यों लगाया था। वन अधिकारियों ने ग्रामीणों से वन्यजीवों की सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने और ऐसे अवैध फंदे न लगाने की अपील की है, क्योंकि ये जाल क्षेत्र के वन्य जीवन के लिए एक गंभीर खतरा पैदा करते हैं।

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MB Luwang
MB Luwang
Forest and Environmental reporter at The ForestTimes.

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