मुंबई (महाराष्ट्र)
मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सीमा शुल्क विभाग ने एक बड़े वन्यजीव तस्करी रैकेट का पर्दाफाश किया है। बैंकॉक से आए एक विदेशी यात्री के सामान की तलाशी के दौरान उसके ट्रॉली बैग से दो दुर्लभ और लुप्तप्राय ‘सिल्वरी गिब्बन’ बरामद किए गए। इन दोनों गिब्बन में से एक मृत पाया गया, जबकि दूसरे की हालत गंभीर और मरणासन्न हालत मे मिली।
एक की दम घुटने से हो चुकी थी मौत
बुधवार को एयर इंटेलिजेंस यूनिट के अधिकारियों को खुफिया जानकारी मिली कि एक विदेशी यात्री कुछ संदिग्ध सामान लेकर बैंकॉक से भारत आ रहा है। इसी जानकारी के आधार पर मुंबई एयरपोर्ट पर चेक-इन के दौरान एयर इंटेलिजेंस यूनिट के अधिकारियों ने उसे रोक लिया। जब उसके ट्रॉली बैग की तलाशी ली गई, तो अधिकारियों को उसके सामान के बीच एक बास्केट मिली। बास्केट को खेलते ही वहा पर मौजूद सभी लोग दंग रह गए। बास्केट के अंदर कपड़ों में छिपाकर दो छोटे गिब्बन रखे गए थे।
अधिकारियों दोनो गिब्बनों को अपने कस्टडी मे ले लिया। उन्होने जानकारी दी कि गिब्बन लगभग दो और चार महीने के बच्चे है। दुर्भाग्य से, यात्रा के दौरान दम घुटने या खराब परिस्थितियों के कारण एक गिब्बन ने दम तोड़ दिया था। जबकि, दूसरा जीवित गिब्बन अत्यधिक तनाव में था और उसकी हालत नाजुक थी। जीवित गिब्बन की एक विडियो भी वायरल हो रही है, जिसमे उसे एक अधिकारी की बाहों में देखा जा सकता है, जो डर के मारे अपना चेहरा छिपा रहा है।

एक बड़े अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्करी सिंडिकेट का हिस्सा है पकड़ा गया आरोपी
बरामद किए गए सिल्वरी गिब्बन इंडोनेशिया के जावा द्वीप के मूल निवासी हैं और ये अत्यंत दुर्लभ प्रजाति हैं। इसे IUCN की रेड लिस्ट में ‘लुप्तप्राय’ श्रेणी में रखा गया है। अपनी खूबसूरती, नीले-भूरे फर और इंसानों जैसी हरकतों के कारण ये अंतरराष्ट्रीय अवैध पालतू जानवरों के बाजार में बहुत लोकप्रिय हैं, जिससे इनकी तस्करी फल-फूल रही है।
जांच से पता चला है कि आरोपी यात्री एक बड़े अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्करी सिंडिकेट का हिस्सा है। उसने अधिकारियों को बताया कि वह पहले मलेशिया गया था, फिर थाईलैंड के रास्ते मुंबई पहुंचा। सिंडिकेट के सदस्यों ने उसे बैंकॉक में ये गिब्बन सौंपे थे और उन्हें भारत में किसी व्यक्ति तक पहुंचाने के बदले में मोटी रकम का वादा किया था। सिंडिकेट ने उसकी पूरी यात्रा का खर्च भी उठाया था।
क्या की गई कानूनी कार्रवाई
सीमा शुल्क विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी यात्री को गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ सीमा शुल्क अधिनियम और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
जीवित बचाए गए गिब्बन को आगे की चिकित्सा जांच और देखभाल के लिए वन विभाग और वन्यजीव विशेषज्ञों की निगरानी में भेज दिया गया है। अधिकारी अब इस अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान करने और भारत में इस खेप के अंतिम प्राप्तकर्ता तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।
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