मानेसर (हरियाणा)
केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने गुरुवार को हरियाणा के मानेसर में ‘नमो वन’ का शिलान्यास किया। इस कार्यक्रम के साथ ही वन्यजीव सप्ताह 2025 के समारोहों की भी शुरुआत हुई। इस मौके पर हरियाणा के कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह भी मौजूद रहे। समारोह में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत वृक्षारोपण भी किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में वन एवं वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए काम करने वाले लोगों को सम्मानित भी किया गया।
इस अवसर तेजपाल तंवर, संतोष तिवारी, सुधीर राजपाल, डॉ. विवेक सक्सेना, विनीत गर्ग, रणदीप सिंह जौहर, सुभाष यादव, डीएफओ राजकुमार, अजीत यादव, स्कूली बच्चें, वन विभाग के अधिकारी, पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ताएं और कई वन एवं वन्यजीव हितकार मौजूद रहे।
क्या है वन्यजीव सप्ताह और इसका उद्देश्य
‘वन्यजीव सप्ताह’ भारत में प्रतिवर्ष 2 से 8 अक्टूबर तक वन्यजीवों और उनके आवासों के संरक्षण के लिए जागरूकता बढ़ाना के लिए मनाया जाता है। इस बार वन्यजीव सप्ताह का विषय ‘सेवा पर्व’ रखा गया है। यह सप्ताह ‘महात्मा गांधी जयंती’ से शुरू होकर ‘विश्व पशु दिवस’ तक समाप्त होता है। इसके माध्यम से वन्य जीवों के प्रति हमारी जिम्मेदारी और उनके संरक्षण में अपना योगदान देने पर महत्व दिया जाता है।
इस पूरे सप्ताह मे वन्य जीवों का महत्व, उनका संरक्षण, उनके आवासों का संरक्षण, वन्य जीवों के शोषण को रोकने, वन्यजीव संरक्षण के लिए समाज की भागीदारी को बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास और जागरूकता गतिविधि को बढाने के कार्य किये जाते है। इसके जरिए पारिस्थितिकीय संतुलन बनाए रखने और नागरिकों की भागीदारी को प्रोत्साहित करने का संदेश दिया जा रहा है।

500 एकड़ क्षेत्र मे वृक्षारोपण का है लक्ष्य
कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथियों, विद्यार्थियों, ग्रामीणों और प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तावित ‘नमो वन’ में 750 पौधों का रोपण किया गया। इसके साथ ही 500 एकड़ क्षेत्र में वृक्षारोपण कार्य का शुभारंभ भी किया गया। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने संकल्प लिया कि लगाए गए पौधों की देखभाल बच्चे की तरह की जाएगी, ताकि आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र हरा-भरा बनकर पर्यावरण संरक्षण का उदाहरण प्रस्तुत कर सके।
अरावली के ग्रीन अरावली बनाने मे दे अपना सहयोग- भूपेंद्र यादव
केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि गुरुग्राम वासियों को हर रविवार सुबह कम से कम 1 घंटे का अपना समय अरावली के ग्रीन अरावली में देना चाहिए। इस छोटे प्रयास से पूरे शहर में हरियाली बढ़ाने, प्रदूषण को कम करने और पर्यावरण को स्वस्थ बनाए रखने में बड़ी भूमिका निभाई जा सकती है। यदि प्रत्येक नागरिक इस अभियान में नियमित रूप से भागीदारी निभाए, तो गुरुग्राम न केवल राष्ट्रीय स्तर पर बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी एक हरा-भरा, स्वच्छ और विकसित शहर बनने की दिशा में अग्रसर होगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपने घरों, मोहल्लों और स्कूलों के आस-पास के खाली स्थानों में पेड़ लगाएं और उनकी देखभाल करें।
जब तक हमारे वन सुरक्षित रहेंगे, तब तक वन्य जीव-जंतु भी सुरक्षित रहेंगे- राव नरबीर सिंह
हरियाणा के वन, पर्यावरण एवं वन्य जीव मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि दुनिया की सबसे प्राचीन पर्वतमाला अरावली हमारी धरोहर है। यह केवल पर्वतमाला ही नहीं, बल्कि ऋषि-मुनियों की तपस्थली और जैव विविधता का आधार भी रही है। जब तक हमारे वन सुरक्षित रहेंगे, तब तक वन्य जीव-जंतु भी सुरक्षित रहेंगे। जीव-जंतु और पक्षी हमारे पर्यावरण के अभिन्न अंग हैं। यदि हम उनकी रक्षा नहीं करेंगे तो पृथ्वी का संतुलन बिगड़ जाएगा। इसीलिए हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह बेजुबान पशु-पक्षियों की देखभाल करे और वनों की सुरक्षा को अपना संकल्प बनाए। वन्यजीवों की रक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें हर व्यक्ति को योगदान देना होगा। पेड़ केवल लगाना ही नहीं, बल्कि उनकी पांच साल तक एक बच्चे की तरह देखभाल करना भी जरूरी है।

अरावली स्पीशीज नर्सरी का किया गया शिलान्यास
कार्यक्रम के दौरान मानेसर स्थित शनि मंदिर परिसर में अरावली स्पीशीज नर्सरी का शिलान्यास भी किया गया। यह नर्सरी अरावली पर्वत श्रृंखला में स्थानीय प्रजातियों के पौधों और वृक्षों की पैदावार, संरक्षण और पुनःरोपण के लिए एक केंद्र के रूप में कार्य करेगी। यहां उगाए गए पौधे ग्रीन अरावली अभियान के तहत विभिन्न क्षेत्रों में लगाए जाएंगे, जिससे न केवल हरा-भरा वातावरण बनेगा, बल्कि वन्य जीवों के लिए आश्रय और जैव विविधता का संरक्षण भी सुनिश्चित होगा।
कार्यक्रम के दौरान हरियाणा की जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी कई महत्वपूर्ण पुस्तकों व प्रकाशनों का केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव तथा कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह द्वारा विमोचन किया गया। इनमें “हरियाणा की वन्य जीव धरोहर”, “हरियाणा के 75 सामान्य वृक्ष”, “हरियाणा के 75 स्थानीय पक्षी”, “हरियाणा के 75 जलपक्षी”, “हरियाणा के 75 वन्य प्राणी”, “हरियाणा की 75 तितलियाँ”, “जटायु की कहानी – भारत के गिद्धों को बचाने की पहल”, “सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान पर कॉफी टेबल बुक”, “मंगर बानी परिदृश्य – मानव और तेंदुआ सहअस्तित्व”, “गुरुग्राम कूलिंग एक्शन प्लान”, “वाइल्ड हरियाणा न्यूज़” तथा “वाइल्ड हरियाणा” ट्रेलर प्रमुख रहे।
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