मेरठ (उत्तर प्रदेश)
उत्तर प्रदेश के मेरठ में स्थित हस्तिनापुर वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र से खैर के पेड़ों की अवैध कटाई का मामला सामने आया है। इस घटना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए वन विभाग ने एक गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी वन विभाग की सतर्कता और स्थानीय लोगों के सहयोग से संभव हुई। यह गिरफ्तारी 28 अक्टूबर, 2025 को एक गुप्त छापे के दौरान किया गया है।
चार लोगो की हुई गिरफ्तारी
बीते मंगलवार को वन विभाग को गुप्त सूचना मिली कि कुछ लोग हस्तिनापुर रेंज के अर्जुन और द्रौपदी वन ब्लॉक में खैर के पेड़ों की अवैध कटाई कर रहे है। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुँची और चार आरोपियों को धर दबोची।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अमरोहा जिले के शेरपुर निवासी लोकेश, आदित्य, सिट्टू और मेरठ के आसिफाबाद निवासी अली हसन के रूप में हुई है। इन आरोपियों के पास से अवैध रूप से काटी गई खैर की लकड़ी, आरी, कुल्हाड़ी और रस्सी भी बरामद की गई।
वन विभाग के अधिकारियो के अनुसार ये सभी एक संगठित गिरोह के सदस्य बताए जा रहे हैं, जो लंबे समय से इस तरह की अवैध गतिविधियों में लिप्त थे। पूछताछ के बाद चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर मेरठ जिला जेल भेज दिया गया।
अपने महंगे दाम और मांग के लिए की जाती है खैर के पेड़ो की कटाई
हस्तिनापुर वन्यजीव अभयारण्य मे खैर के पेड़ की एक बड़ी खेप है, जिसकी वजह से यह लंबे समय से वन माफिया के निशाने पर रहा है। यहा से अक्सर खैर के पेड़ो की अवैध कटाई के मामले सामने आते रहते है। वन विभाग की लाख कोशिशों के बाद भी ऐसी घटनाएं कम होने का नाम नही लेती है। जो हमेशा अभयारण्य की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करती रहती हैं।
खैर के पेड़ विशेष रूप से मूल्यवान होते हैं क्योंकि इनका उपयोग कत्था बनाने में होता है। कत्थे की मांग के कारण वन माफिया अक्सर खैर के पेड़ों को निशाना बनाते हैं। इनकी लकड़ी की बढ़ती मांग और ऊंचे दामों के कारण तस्कर लगातार इस वन्यजीव क्षेत्र में सेंध लगाए रहते हैं, जिससे वन संपदा को भारी नुकसान होता रहा है।
पेड़ो की अवैध कटाई है एक गंभीर अपराध
इस मामले पर मंडल वन अधिकारी वंदना ने कहा कि अवैध वन कटाई और वन्यजीवों का शिकार एक गंभीर अपराध है। उन्होंने सख्त चेतावनी दी कि इस तरह की गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही उन्होने बताया कि इस मामले मे एक बड़े गिरोह का नाम सामने आया है, जिसके बाकी सदस्यों को पकड़ने की पूरी कोशिश की जा रही है। उन्होंने आगे कहा कि अभयारण्य की सुरक्षा को लेकर प्रशासन गंभीर है, और भविष्य में भी ऐसी घटनाओं पर कड़ी नजर रखी जाएगी।
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