मानव-पशु संघर्ष पर रोकथाम है जरूरी

लखनऊ (उत्तर प्रदेश)

आज वन मुख्यालय, लखनऊ के पारिजात हॉल में माननीय राज्य मंत्री पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन, उत्तर प्रदेश सरकार, डॉ. अरुण कुमार सक्सेना की अध्यक्षता में मानव-पशु संघर्ष पर एक बैठक आयोजित की गई।कार्यक्रम मे पीसीसीएफ एवं एचओएफएफ, यूपी, श्री सुनील चौधरी, पीसीसीएफ, डब्ल्यूएल, श्रीमती अनुराधा वेमुरी और अन्य वरिष्ठ विभागीय अधिकारी शामिल रहे। साथ ही बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के प्रमुख सचिव श्री अनिल कुमार भी उपस्थित रहे।

मानव-पशु संघर्षों पर प्रभावी नियंत्रण और रोकथाम की है आवश्यकता- डॉ. अरुण कुमार

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मंत्री डॉ. अरुण कुमार ने कहा कि राज्य भर में मानव-पशु संघर्षों पर प्रभावी नियंत्रण और रोकथाम की आवश्यकता पर बल दिया जा रहा हैं। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को तेंदुआ/बाघ/भेड़िया/मगरमच्छ हॉटस्पॉट क्षेत्रों की पहचान करने और उन क्षेत्रों में नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

हिंसक वन्यजीवों पर रखी जाएगी निगरानी

माननीय मंत्री ने हिंसक/संकटग्रस्त वन्य जीवों की कुशल ट्रैकिंग, निगरानी और समय पर बचाव के लिए ड्रोन और जीपीएस-आधारित प्रणालियों जैसी आधुनिक और उन्नत तकनीकों के उपयोग के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने सक्रिय उपायों और अंतर-विभागीय पर भी ज़ोर दिया।

मानव सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण दोनों है आवश्यक

मानव सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण दोनों सुनिश्चित करने के लिए समन्वय आवश्यक है। मानव और पशु मे बीच सह-अस्तित्व का भाव होना बेहद जरूरी है। वन्यजीव संरक्षण का तो ध्यान देना ही चाहिए साथ ही इस बात का ख्याल भी रखना चाहिए कि वन्यजीवों से मानव को कोई हानि न हो। एक स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र को बनाए रखने के लिए मानव सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण दोनों ही आवश्यक है।

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MB Luwang
MB Luwang
Forest and Environmental reporter at The ForestTimes.

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