शाजापुर (मध्य प्रदेश)
मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में सोमवार सुबह वन विभाग ने हेलीकॉप्टर की मदद से एक विशेष अभियान चलाया, जिसमे हेलीकॉप्टर से हाँका लगाकर 45 काले हिरणों (ब्लैकबग) को पकड़कर गांधी सागर अभयारण्य मे छोड़ा गया। इस अभियान मे दक्षिण अफ्रीका के विशेषज्ञों की एक टीम की मदद ली गई। भारत में इस तरह का यह पहला प्रयोग रहा, जिसमें वन्यजीवों को पकड़ने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया।
हेलीकॉप्टर की मदद से हिरणों के झुंड को हाँका गया एक स्थान पर
इस अभियान के तहत काले हिरणों को पकड़ने के लिए साउथ अफ्रीका की खास बोमा तकनीक का इस्तेमाल किया गया। जिसमे हेलीकॉप्टर की मदद से काले हिरणों के झुंड को योजना के अनुसार एक ही दिशा मे ले जाया गया। हेलीकॉप्टर की आवाज सुनकर काले हिरण एक ही मार्ग पर आगे बढने लगें। फिर उन्हे हाँककर एक बड़े फ़नल के आकार के बाड़े (बोमा) में ले जाया गया। इस बाड़े की खास बात यह थी कि यह बाड़ा आगे बढ़ने पर धीरे-धीरे संकरा होता चला गया, जिससे आगे चलकर काले हिरण एक सीमित क्षेत्र में इकट्ठा हो गए। बाड़े में लाने के बाद उन्हे सावधानीपूर्वक ट्रकों में लोड करके गांधीसागर अभयारण्य मे स्थानांतरित कर दिया गया।
क्षेत्र मे काले हिरणों और नीलगायों ने मचा रखा है उत्पात
शाजापुर जिले मे कई सालों से काले हिरणों और नीलगायों ने अपने अड्डा जमा रखा है। उनका फसलो को नुकसान पहुँचाने से किसानो को हानि का सामना करना पड़ता है। और अक्सर इस वजह से यहां से मानव-वन्यजीव संघर्ष की भी घटनाएं देखने को मिलती है। वन विभाग के अनुसार इस क्षेत्र में करीब 20 हजार काले हिरण और दो हजार नीलगाय हैं। इनमें से 400 काले हिरण और 100 नीलगाय को स्थानांतरित करने की अनुमति दी गई है। इस समस्या से निजात पाने के लिए वन विभाग ने कई प्रयास किए लेकिन हर बार असफलता ही उनके हाथ लगी। अंत मे आधुनिक तकनीक की मदद से इस समस्या का समाधान पाने की योजना बनाई गई।
इस पूरे ऑपरेशन को सफल बनाने के लिए, वन विभाग ने व्यापक तैयारी की गई थी। जिसमे साउथ अफ्रीका से 15 सदस्यीय कंजर्वेशन सॉल्यूशंस टीम बुलाई गई थी। इसके साथ ही शाजापुर कलेक्टर और अन्य अधिकारियों ने भी योजना के तहत होने वाली सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ को सुनिश्चित करने मे मदद की। इसमे ग्रामीणों और किसानों ने अपना सहयोग दिया। भीड़ को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और वन विभाग के कर्मचारियों की तैनाती की गई थी।
पकड़कर सुरक्षित स्थान किया गया पर स्थानांतरित
ऑपरेशन मे पकड़े गए काले हिरणों को सुरक्षित स्थानो पर स्थानांतरित किया जा रहा है जहा उन्हे बेहतर वातावरण और आवास मिल सकें। सुरक्षित आवासों में स्थानांतरित होने से इन जानवरों की प्रजातियों को संरक्षण मिलेगा और उनकी आबादी को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। योजनानुसार इन्हे पकड़कर गांधीसागर अभयारण्य और कुनो नेशनल पार्क मे स्थानांतरित जाएगा, जिससे वहा के चीतों के लिए पर्याप्त भोजन का अवसर मिलेगा।यह न केवल वन्यजीवों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करता है, बल्कि मानव और जानवरों के बीच के संघर्ष को भी कम करने में मदद करता है।
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