बेलगावी (कर्नाटक)
कर्नाटक के बेलगावी में कित्तूर रानी चेन्नम्मा चिड़ियाघर में दो दिन के भीतर रहस्यमय परिस्थितियों में 29 काले हिरणों की मौत का मामला सामने आया है। ये मौते दो दिनों के अंदर ही हुई है, जिसने चिड़ियाघर प्रशासन और राज्य सरकार की चिंता बढ़ा दी है।
वही इस मामले मे एक उच्च-स्तरीय टीम बनाकर जाँच बनाकर जल्द से जल्द अपनी रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए हैं।
अचानक बीमार पड़े, और हो गई मौत
चिड़ियाघर के अधिकारियों के अनुसार हिरण की मौत का घटना 15-16 नवंबर 2025 के बीच हुई। जब कुछ हिरण अचानक से बीमार पड़ गए और कुछ घंटे बाद उनकी मौत होने लगी।
चिड़ियाघर मे कुल कुल 38 काले हिरणों मौजूद थे, जिसमे से अब तक 29 की मौत हो चुकी है, जो काफी चिंता का विषय है। वही वन्यजीव विशेषज्ञों द्वारा बाकी बचे 10 हिरणों के स्वास्थ्य की जाँच की जा रही है, और उन्हें लगातार चिकित्सकों की निगरानी में रखा जा गया है।
अधिकारियों ने बताया कि सहायक वन संरक्षक नागराज बल्हासूरी ने बताया कि हिरणों की मौते दो चरणों में हुईं। पहले दिन आठ हिरणों की मौत हुई, फिर दूसरे दिन 20 हिरणों ने दम तोड़ दिया और वही आज एक हिरण की मौत हो गई।
मौत की वास्तविक कारण का लगाया जा रहा पता
हालांकि मौत के वास्तविक कारण का अभी तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन चिड़ियाघर के पशु चिकित्सक ने जीवाणु संक्रमण का संदेह जताया है।
हालांकि वन विभाग के अधिकारी बार-बार अपना बयान पलट रहे है, जिससे संदेह पैदा हो रहा है। मंत्रीयों को मौत का कारण बताते हुए अधिकारियों ने “भोजन से संबंधित समस्या” का हवाला दिया, वही मीडिया से बातचीत में उन्होंने “बैक्टेरियल इन्फेक्शन” का कारण बताया।
मौत के सही कारण का पता लगाने के लिए मृत हिरणों के विसरा के नमूने और पिछले एक सप्ताह में दिए गए भोजन के नमूने बेंगलुरु के बन्नेरघट्टा प्राणी उद्यान में भेजे गए हैं। लैब और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की रिपोर्ट का इंतज़ार है, जिसके मंगलवार तक आने की उम्मीद है।
क्या हो रही इस घटना पर कार्रवाई
कर्नाटक के वन मंत्री ईश्वर खांद्रे ने इस गंभीर मामले में तत्काल उच्च-स्तरीय जाँच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि यदि स्टाफ की लापरवाही या कर्तव्य में चूक पाई जाती है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ज़ू अथॉरिटी ऑफ़ कर्नाटक के सदस्य सचिव, डॉ. सुनील पंवार ने भी चिड़ियाघर का दौरा किया और घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने निष्पक्ष जाँच का आश्वासन दिया और कहा कि रिपोर्ट के आधार पर भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाए जाएंगे।
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