यूपी मे एक बड़े तोता तस्करी गिरोह का पर्दाफाश, 300 तोते बरामद

बरेली (उत्तर प्रदेश)

उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स और वन विभाग की संयुक्त टीम ने बुधवार को वन्यजीवों की अवैध तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक बड़े तोता तस्करी गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में तस्करों के कब्जे से चार बड़े पिंजरों में कैद 300 प्रतिबंधित तोते बरामद किए गए हैं। यह गिरोह तोतों को विभिन्न जिलों से इकट्ठा कर दिल्ली ले जाने की फिराक में था।

कैसे हुआ भंडाफोड़?

वन विभाग के अधिकारियों को मुखबिरों से सूचना मिली थी कि वन्य जीव तस्करों का एक सक्रिय गिरोह बरेली शहर में मौजूद है और तोतों की बड़ी खेप को दिल्ली भेजने की तैयारी में है। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए, डीएफओ दीक्षा भंडारी के नेतृत्व में वन विभाग और एसटीएफ की टीमों ने शहर के अलग-अलग इलाकों में घेराबंदी की। और बुधवार देर रात की गई इस छापेमारी में, पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को धर दबोचा।

दो आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी

गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी रामपुर जिले के निवासी हैं। पुलिस और वन विभाग की टीम उनसे गहन पूछताछ कर रही है ताकि इस पूरे तस्करी नेटवर्क का पता लगाया जा सके। माना जा रहा है कि इस गिरोह के तार आसपास के कई अन्य जिलों में भी फैले हुए हैं और यह एक बड़ा गिरोह है।

वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई

तोता एक संरक्षित वन्यजीव है और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत इन्हें पकड़ना, बेचना या कैद में रखना एक गंभीर अपराध है, जिसके लिए सख्त सजा का प्रावधान है। बरामद किए गए सभी 300 तोतों को सुरक्षित अभ्यारण्य में भेजने की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे अवैध व्यापार पर अंकुश लगाने के लिए विभाग सक्रिय रूप से काम कर रहा है।

जारी है जांच

अधिकारियों ने बताया कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और पक्षियों को पकड़ने के लिए अवैध शिकारी जालों का उपयोग करता था। इस कार्रवाई ने वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो और PETA इंडिया की उन चेतावनियों को पुष्ट किया है कि पक्षियों को कैद करना गैरकानूनी है और इससे जुड़े लोगों को सलाखों के पीछे डाला जा सकता है। इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

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MB Luwang
MB Luwang
Forest and Environmental reporter at The ForestTimes.

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