भोपाल (मध्य प्रदेश)
अंतर्राष्ट्रीय वन मेला अपने आप में एक अनूठा आयोजन है। मेले में लघु वनोपज एवं औषधीय पौधों के क्षेत्र की गतिविधियों, उत्पादों एवं अवसरों को प्रदर्शित करने एवं इससे जुड़े संग्राहकों, उत्पादकों, व्यापारियों, उद्यमियों, वैज्ञानिकों, प्रशासकों और नीति निर्धारकों के बीच संवाद स्थापित करने के लिये व्यापक मंच उपलब्ध होता है। वन राज्य मंत्री श्री दिलीप सिंह अहिरवार पलाश होटल में वन मेले की पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे।
वन मंत्री अहिरवार ने बताया कि मेले का शुभारंभ 17 दिसम्बर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। उन्होंने कहा कि ‘समृद्ध वन खुशहाल वन’ की थीम पर अंतर्राष्ट्रीय वन मेला 17 से 23 दिसम्बर तक लाल परेड मैदान में लगेगा। मेले में 350 स्टॉल लगाये जा रहे हैं। मेले में प्रदेश के जिला यूनियन, वन, वन धन केन्द्र, जड़ी-बूटी संग्राहक, उत्पादक, आयुर्वेदिक औषधि निर्माता, परम्परागत भोजन सामग्री के निर्माता एवं विक्रेतागण अपने उत्पादों का प्रदर्शन और विक्रय करेंगे। मेले में 10 शासकीय स्टॉल, 24 अन्य राज्यों के स्टॉल, 16 प्रदर्शनी के स्टॉल, 136 प्रायवेट स्टॉल, 26 फूड स्टॉल, जिनमें अलीराजपुर का दालपुनिया, बाँधवगढ़ की गोंडी व्यंजन का स्वाद मिलेगा। इसके अलावा 50 ओपीडी स्टॉल और एक किड्स जोन भी होगा।

वन मंत्री अहिरवार ने कहा कि 200 आयुर्वेदिक पद्धति के चिकित्सकों एवं विशेषज्ञों द्वारा मेले में नि:शुल्क चिकित्सीय परामर्श प्रदान किया जायेगा। उन्होंने बताया कि मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन में ऑर्केस्ट्रा, नुक्कड़ नाटक, लोक नृत्य, स्कूली छात्र-छात्राओं के लिये चित्रकला, फैंसी ड्रेस और गायन के कार्यक्रम होंगे। इसके अलावा 17 दिसम्बर को शाम परम्परागत नृत्य डिण्डोरी की प्रस्तुति, 18 दिसम्बर की शाम ऑर्केस्ट्रा अंचल शर्मा ग्रुप की प्रस्तुति, 19 दिसम्बर की शाम विरासत सूफी की म्यूजिकल प्रस्तुति, 20 दिसम्बर को एक शाम वन विभाग के नाम (फॉरेस्ट मेलोडी) द्वारा सरगम म्यूजिकल ग्रुप, 21 दिसम्बर की शाम ख्याति प्राप्त सिंगर नीरज श्रीधर, बॉम्बे वाइकिंग्स की म्यूजिकल प्रस्तुति, 22 दिसम्बर की शाम मानसरोवर द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम और 23 दिसम्बर की शाम परम्परागत नृत्य, झाबुआ की प्रस्तुति होगी।
वन मंत्री अहिरवार ने बताया कि वन मेले में 19 एवं 20 दिसम्बर को अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला का भी आयोजन किया जायेगा। इसमें देश के 17, नेपाल के 2 एवं भूटान के एक प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। कार्यशाला आईआईएफएम के समन्वय से आयोजित होगी।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव वन अशोक बर्णवाल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक व्ही.एन. अम्बाडे और प्रबंध संचालक राज्य वनोपज संघ डॉ. समिता राजौरा उपस्थित रहे।
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