📰वन्य जीवों के इलाज और पुनर्वास की आधुनिक सुविधाएं विकसित होंगी l
प्रशांत मेश्राम,मेरठ/हस्तिनापुर: उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में हस्तिनापुर वन्य जीव रेस्क्यू एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर का चौथा चरण निर्माण कार्य शुरू हो गया है। यह कार्य ₹4.74 करोड़ की लागत से 9 एकड़ भूमि पर चल रहा है, और पहले से पूरा हो चुके तीन चरणों के बाद अब चौथे चरण का कार्य भी लगभग 35% पूरा हो चुका है। पूर्ण निर्माण अप्रैल 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

यह रेस्क्यू सेंटर हस्तिनापुर वन्यजीव अभयारण्य के भीतर बन रहा है और इसमें घायल या विस्थापित जंगली जानवरों (जैसे बाघ, तेंदुआ, भालू, चीतल, नीलगाय आदि) के लिए उपचार, क्वारंटाइन और पुनर्वास की व्यवस्था होगी। यहां विशाल बाड़े, क्वारंटाइन सेंटर, उपचार कक्ष, वॉच टावर, प्रशिक्षण हॉल, स्टाफ रूम, पोस्टमार्टम हाउस, सीवरेज टैंक, सोलर सिस्टम और स्ट्रीट लाइटिंग जैसी सुविधाएँ शामिल हैं।

10 जून 2022 को इस सेंटर का शिलान्यास उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था, और प्रदेश में इसी तरह चार आधुनिक रेस्क्यू सेंटर पिलीभीत, महाराजगंज, चित्रकूट और मेरठ के लिए बनाने की योजना बनाई गई है।
“हस्तिनापुर का वन्य जीव रेस्क्यू सेंटर में चार चरण में काम होना था, तीन चरण पूरे हो चुके हैं। चौथा चरण का भी 35 प्रतिशत काम पूरा हो गया। कुछ निर्माण बचे हैं, जिन्हें अप्रैल 2026 तक पूरा करके सेंटर को शुरू कर दिया जाएगा।”
– वंदना फोगाट, प्रभागीय निदेशक वानिकी
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