जंगली जानवरों के हमलों से जान गवाने वाले पांचों मृतकों के परिजनों को दी जाएंगी मुआवजे की 17-17 लाख रूपए की शेष राशि

भोपाल (मध्य प्रदेश)

मध्य प्रदेश के बालाघाट के कटंगी वन क्षेत्र बीते कुछ वक्त से मानव-वन्यजीव संघर्ष से जूझ रहा हैं। आधिकारिक रिपोर्टस के अनुसार क्षेत्र में ‘आदमखोर बाघों’ का आतंक बना हुआ हैं, जिसकी वजह से वहां के कई गाँव खौफ में हैं। बीते 8 महीनों मे जंगली जानवरों के हमलों की वजह से पांच लोगों ने अपनी जान गवाई हैं, ओर कई लोग घायल भी हुए हैं। राज्य सरकार द्वारा मृतकों के परिजनों की 25-25 लाख रूपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई थी।

राज्य सरकार ने दी थी मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख रुपए देने की आर्थिक मदद

कटंगी वन क्षेत्र मे जंगली जानवरों की वजह से जान गवाने वाले पांचों मृतकों के परिजनों को राज्य सरकार द्वारा 25-25 लाख रूपए की मुआवजा राशि देने की घोषणा की गई थी। अभी तक 8-8 लाख रूपए परिजनों को मुआवजे के रूप में दिया भी जा चुका हैं। हाल ही में मुख्यमंत्री डाॅ मोहन यादव ने मृतकों के परिजनों को बाकी की 17-17 लाख रूपए सहायता राशि को भी देने की घोषणा की गई जिसे जल्द ही पूरा किया जाएगा।

आदमखोर बाघ बना रहे लोगों को अपना शिकार

वन क्षेत्र से सटे होने के कारण अक्सर जंगली जानवर (विशेषकर बाघ) क्षेत्र के गांवो मे घुस आते हैं, जिससे लोगों को उनकी जान-माल का खतरा बना रहता हैं। इंसानी खून के प्यासे बाघ बीते 8 महीनों मे 5 लोगों का अपना शिकार बन चुके हैं और उनके हमले मे कई लोग घायल भी हो चुके हैं। क्षेत्र मे बाघों का खौफ इतना बढ़ चुका है, कि लोग अब अपने घर से बाहर निकलने से भी डरते हैं की कही उनका सामना आदमखोर बाघों से न हो जाए।

पिछलें 8 महीनों मे 5 लोगों ने गवाई हैं अपनी जान

आदमखोर बाघ की चपेट मे आने से क्षेत्र से बीते 8 महीनों मे 5 लोगों( स्व सुखाराम, स्व प्रकाश, स्व अनिल, स्व मंगरू, और स्व सेवकराम) ने अपनी जान गवाई हैं। यहा तक की कई लोग घायल भी हुए हैं। खौफ के साये मे जी रहे किसान डर के मारे अपने खेतों की तरफ भी नही जा पाते कि कही कोई जंगली जानवर उनपर हमला न कर दे। बाघो की जुबान पर अब इंसानी खून लग चुका हैं दिनों पर दिन बाघ और भी आदमखोर होते जा रहे हैं। वन विभाग और राज्य सरकार को इस समस्या पर कोई डोस कदम उठाना पड़ेगा वरना आने वाले समय में कटंकी वन क्षेत्र से ऐसी और भी घटनाएं सामने आ सकती हैं।

Author Profile

MB Luwang
MB Luwang
Forest and Environmental reporter at The ForestTimes.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top