कबाड़ से कला का अनूठा संगम: स्क्रैप से बनाया गया अनोखा वाइल्डलाइफ पार्क।

नोएडा (उत्तर प्रदेश)

नोएडा का ‘वेस्ट टू वंडर जंगल ट्रेल पार्क’, कबाड़ से बने कला का अनूठा उदाहरण है। नोएडा के सेक्टर 94 में ओखला पक्षी अभयारण्य के पास स्थित वेस्ट टू वंडर पार्क के अंदर ‘जंगल ट्रेल’ का निर्माण किया गया। लगभग 500 टन औद्योगिक धातु से बना यह पार्क, दर्शाता है कि कचरे को कैसे रचनात्मकता और कलात्मकता रूप में बदला जा सकता है। यह भारत का पहला स्क्रैप जंगल ट्रेल है, जो कचरा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण के प्रति नोएडा प्राधिकरण की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

8.5 एकड़ में फैला है यह पार्क

‘जंगल ट्रेल’ पार्क 8.5 एकड़ में फैला हुआ है, जिसमें 700 से अधिक जानवरों की कलाकृतियाँ हैं। इनमें हाथी, जिराफ, शेर, चीते, हिरण, रंगीन पक्षी, कंगारू, मगरमच्छ, यहा तक कि डायनासोर भी शामिल हैं। इन मूर्तियों को बनाने के लिए ऑटोमोबाइल के पुर्जे, नट, बोल्ट, जंजीरें, ईंधन टैंक, पाइप और अन्य बेकार पड़ी धातुओं का इस्तेमाल किया गया है। प्रत्येक मूर्ति में कारीगरों का कौशल और उनकी की गई मेहनत साफ-साफ दिखाई देती हैं।

चार अलग-अलग थीम पर आधारित है पार्क

यह पार्क चार अलग-अलग थीम वाले ज़ोन में बंटा हुआ है- अफ्रीकी सवाना, एशियाई जंगल, ऑस्ट्रेलियाई आउटबैक और ध्रुवीय क्षेत्र। पर्यटक इन ज़ोन में घूमते हुए विभिन्न महाद्वीपों के जंगली जानवरों को धातु से बनी कलाकृतियों के रूप में देख सकते हैं। दिन के उजाले में जहां हर मूर्ति की बारीकी को निहारा जा सकता है, वहीं शाम होते ही एलईडी लाइटें इन कलाकृतियों मे जान डाल देती हैं। ‘नाइट सफारी’ की मदद से पार्क मे घुमना और भी मजेदार हो जाता है।

देता है रीसाइक्लिंग की शिक्षा

जंगल ट्रेल पार्क सिर्फ एक मनोरंजक जगह नहीं है, बल्कि यह एक शैक्षिक और प्रेरक स्थल भी है। यह पर्यटकों खासकर बच्चों को, रीसाइक्लिंग और रियूज के बारे में सिखाता हैं। यह हमें संदेश देता है कि हमारी रचनात्मकता और कल्पनाशीलता का इस्तेमाल करके कचरे को भी आश्चर्यजनक कला में बदला जा सकता है। पार्क में बैठने के लिए बेंच, झूले और लाइटें भी रीसाइकिल्ड धातु से बनी हैं, जो इसके पर्यावरण-अनुकूल उद्देश्य को मजबूती से दर्शाती हैं।

अद्भुत है यह पार्क

पार्क परिवारों, प्रकृति प्रेमियों और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए एक बेहतरीन जगह है। यहाँ की सुकून भरी हरियाली और धातु से बनी कलाकृतियां एक अनोखा अनुभव प्रदान करती हैं। शाम को होने वाली नाइट सफारी इसे और भी खास बना देती है। नोएडा के इस ‘वेस्ट टू वंडर’ पार्क का ‘जंगल ट्रेल’ हिस्सा प्रकृति और स्थिरता का एक अद्भुत संगम है, जो यह साबित करता है कि सृजन के लिए कुछ भी बेकार नहीं होता।

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MB Luwang
MB Luwang
Forest and Environmental reporter at The ForestTimes.

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