बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व मे अब हाथियों पर रखी जाएगी डिजिटल निगरानी

बांधवगढ़ (मध्य प्रदेश)

मध्य प्रदेश के उमरिया के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में मानव-हाथी के बढ़ते संघर्ष को कम करने के लिए प्रदेश सरकार ने 29 अगस्त को विश्व बाघ दिवस के अवसर पर ‘गज रक्षक ऐप’ लॉन्च किया, इस ऐप की मदद से क्षेत्र के हाथियों पर डिजिटल निगरानी रखी जाएगी जिसकी मदद से मानव-हाथी संघर्ष को कम किया जा सके। बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व में 26 से 29 सितंबर तक वनकर्मियों को इस ऐप की ट्रेनिंग दी गई है।

क्या है ‘गज रक्षक ऐप’ और कैसे करेगा काम

‘गज रक्षक ऐप’ हाथियों पर निगरानी रखने के लिए एक डिजिटल एप हैं। इसे मानव-हाथी संघर्ष को कम करने के लिए लॉन्च किया गया हैं। इस एप की मदद से हाथियों की लाइव लोकेशन को ट्रैक करके उनकी गतिविधियों पर नजर रखा जाएगा। इसमे एसएमएस अलर्ट, वॉइस कॉल, पुश नोटिफिकेशन, सायरन, और ऑफलाइन मोड जैसी सुविधाएं भी दी गई है। जिसकी मदद से हाथी को, मानव बस्तियो के पास दिखने पर लोगो को सूचित किया जाएगा, जिससे वे सतर्क हो सके।

क्या होगा इससे फायदा

हाथियों की लाइव लोकेशन ट्रैक करना: यह ऐप हाथियों के झुंड की वास्तविक समय के लोकेशन की जानकारी देगा।

ग्रामीणों को अलर्ट भेजना: यह ऐप जंगल के पास रहने वाले ग्रामीणों, वन कर्मचारियों और पर्यटकों को हाथियों की मौजूदगी के बारे में अलर्ट भेजकर सुरक्षित रहने में मदद करेगा।

हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखना: इस ऐप की मदद से हाथियो की गतिविधियों पर नजर रखने मे मदद मिलेगी।

क्यो है बाँधवगढ़ मे इतना मानव-हाथी संघर्ष

जंगली क्षेत्र होने की वजह से बाँधवगढ़ मे पहले से ही हाथी मौजूद थे। इसके साथ ही 2018 में 40 हाथियों का एक झुंड कही से आकर बांधवगढ़ में बस गए, पर्याप्त भोजन पानी के होने से उन्होने बाँधवगढ़ को निवास के रूप मे चुन लिया ,जिससे क्षेत्र मे मानव-हाथी संघर्ष बढ गया। अब उनकी संख्या बढ़कर लगभग 65 हो गई है। वे अक्सर उमरिया, शाहडोल और अनुपपुर जिलों के गांवो मे घुसकर फसलो को बर्बाद कर देते है जिससे किसानो को हमेशा जान-माल का खतरा बना रहता हैं।

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MB Luwang
MB Luwang
Forest and Environmental reporter at The ForestTimes.

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