मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने काजीरंगा नेशनल पार्क का किया दौरा, जीप सफारी का उठाया आनंद

गुवाहाटी (असम)

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को असम के काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान का दौरा किया, साथ ही अपनी पत्नी और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पार्क के बागोरी रेंज में जीप सफारी का आनंद भी लिया। काजीरंगा नेशनल पार्क एक यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है, जो एक सींग वाले गैंडे के सफल संरक्षण के लिए विश्व स्तर पर प्रसिद्ध है। इस दौरान उन्होने हाथियों को गन्ना भी खिलाया और एक अजगर को उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ने में भी भाग लिया।

असम के वन्यजीव संरक्षण की सराहना की

अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने काजीरंगा नेशनल पार्क और असम सरकार के वन्यजीव संरक्षण प्रयासों की सराहना की और काजीरंगा के फलते-फूलते वन्यजीवों की प्रशंसा की। सफारी के बाद उन्होंने पत्रकारों से कहा, “काजीरंगा बहुत समृद्ध है, खासकर गैंडों के मामले में। यहाँ 3,000 से ज़्यादा गैंडे हैं।”

वन्यजीव संरक्षण में मध्य प्रदेश की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि राज्य ने पिछले दो वर्षों में 70 से ज़्यादा हाथियों को बांधवगढ़ और अन्य अभयारण्यों में स्थानांतरित किया है। उन्होंने कहा, “हाथी अब मध्य प्रदेश में भी आ गए हैं। पहले यहाँ कोई हाथी नहीं थे। पिछले दो वर्षों में, 70 से ज़्यादा हाथियों को बांधवगढ़ और अन्य अभयारण्यों में स्थानांतरित किया गया है। यहाँ का प्रबंधन उत्कृष्ट है। हम यहाँ से बहुत कुछ सीखेंगे।”

उन्होंने आगे कहा कि वह असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के साथ संभावित वन्यजीव विनिमय और संरक्षण साझेदारी पर चर्चा करेंगे। हम अपने कुछ वन्यजीव भी यहाँ लाएँगे। मैं इस बारे में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से बात करूँगा।

उन्होने आगे कहा, “मध्य प्रदेश में गौर और घड़ियाल जैसी प्रजातियाँ हैं , जबकि असम में 3,000 से ज़्यादा एक सींग वाले गैंडे और जंगली भैंसों की अच्छी-खासी आबादी है। आदान-प्रदान की पहल से दोनों राज्यों को जैव विविधता और संरक्षण प्रयासों को बढ़ाने में मदद मिलेगी।

पत्नी और अधिकारियों संग लिया जीप सफारी का आनंद

इस अवसर पर उन्होने अपनी पत्नी और अधिकारियों संग पार्क के बागोरी रेंज में जीप सफारी का आनंद लिया और पार्क कर्मचारियों और रेंजरों से वहा के उत्कृष्ट वन्यजीव संरक्षण प्रबंधन के बारे मे बातचीत करजानकारी ली। उन्होने काजीरंगा के वन्यजीव संरक्षण के तरीकों, खासकर गैंडों और हाथियों के प्रबंधन के बारे में भी जानकारी ली और पार्क द्वारा मानव और वन्यजीवों के बीच सह-अस्तित्व पर दिए जा रहे ध्यान की सराहना की।

मायाबिनी का किया स्वागत

विश्व पशु दिवस के अवसर पर काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में एक नवजात हाथी के बच्चे का स्वागत किया गया। पार्क की हथिनी कुवारी ने एक स्वस्थ मादा बछड़े को जन्म दिया, जिसका नाम दिवंगत असमिया सांस्कृतिक प्रतीक जुबीन गर्ग के सम्मान में “मायाबिनी” रखा गया है।

Author Profile

MB Luwang
MB Luwang
Forest and Environmental reporter at The ForestTimes.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top