मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ वन विभाग के दो कर्मचारियों को बाघ के शिकार और उसे जलाने के गंभीर आरोपों में सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। यह प्रदेश में अपनी तरह की पहली कार्रवाई मानी जा रही है, जहाँ वन्यजीव अपराध में सरकारी कर्मचारियों पर इतनी सख्त कार्रवाई की गई हो।
सूत्रों के मुताबिक, यह घटना तब सामने आई जब 2 अगस्त को इस पूरे मामले की जानकारी प्रमुख मुख्य वन संरक्षक (Head of Forest Force – HOFF) को दी गई। शिकायत के आधार पर त्वरित जांच शुरू की गई और प्राथमिक सबूतों में दोनों कर्मियों की सीधी संलिप्तता पाई गई।

जांच रिपोर्ट आने के बाद विभाग ने बिना किसी देरी के दोनों कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दीं, ताकि भविष्य में कोई भी अधिकारी या कर्मचारी वन्यजीव अपराधों को लेकर लापरवाही या संलिप्तता की हिम्मत न कर सके।
यह कार्रवाई प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण और जवाबदेही की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की सख्त कार्रवाई से वन विभाग में अनुशासन और ईमानदारी की मिसाल कायम होगी तथा बाघ संरक्षण को लेकर गंभीरता बढ़ेगी।
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