नेपाल से आए हाथी कर रहें पीलीभीत की फसल बर्बाद, कर रखा हैं किसानो की नाक मे दम

पीलीभीत (उत्तर प्रदेश) उत्तर प्रदेश के पीलीभीत मे वन्यजीवों का आना-जाना, तो मानो आम बात होती जा रही हैं। जंगली क्षेत्र और पीलीभीत टाइगर रिजर्व होने के कारण अक्सर क्षेत्र मे बाघ और हाथियों का आतंक बना रहता हैं। इन दिनों पीलीभीत के तमाम इलाकों में नेपाली हाथी किसानों के लिए सरदर्द बने हुए हैं।…

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मणिपुर केंद्रीय वन प्रभाग द्वारा स्कूली बच्चों को प्रकृति के नैतिक मूल्य और मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व के बारे में किया गया जागरूक

एम.बी. लुवांग, इम्फाल (मणिपुर) 71वें वन्यजीव सप्ताह समारोह 2025 के उपलक्ष्य पर 24 सितंबर को राज्य के विभिन्न जिलों में मणिपुर केंद्रीय वन प्रभाग द्वारा “वन्यजीवों के साथ जीवन” और “मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व” विषय पर जिला स्तरीय निबंध लेखन और चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मणिपुर वन प्रशिक्षण संस्थान, लुवांगसांगबाम में आयोजित किया…

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पलामू टाइगर रिज़र्व: वन्यजीवों और वनकर्मियों की सुरक्षा के लिए तैनात किए जाएंगे सशस्त्र सुरक्षा बल

रांची (झारखंड) पलामू टाइगर रिजर्व झारखंड का प्रसिद्ध वन्यजीव संरक्षण उद्यान हैं, नक्सली क्षेत्र में मौजूद होने की वजह से, अक्सर वहां नक्सलवादी घटनाएं होती रहती हैं। बढ़ते हुए अवैध शिकार, वन्यजीवों की तस्करी और लकड़ी माफियाओं से आजिज होकर वन विभाग काफी समय से राज्य सरकार से अभयारण्य मे एक सशस्त्र सुरक्षा बल की…

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गैंडों के संरक्षण और प्रजनन क्षेत्र में पटना जू को मिला विश्व में दूसरा स्थान, देश में प्रथम

पटना (बिहार) विश्व राइनो दिवस (22 सितंबर) के अवसर पर संजय गांधी जैविक उद्यान (पटना जू) में एक सेमिनार का आयोजन किया गया। इस मौके पर गैंडे के संरक्षण और उनके संवर्धन पर विशेष रूप से चर्चा की गई। कार्यक्रम मे विशेषज्ञों ने गैंडे की प्रजातियों, उनकी जीवन शैली, वर्तमान चुनौतियों और संरक्षण की दिशा…

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‘विश्व राइनो दिवस’ 2025: गैंडों के अस्तित्व का दिन

हर साल 22 सितंबर को दुनिया भर में ‘विश्व राइनो दिवस’ मनाया जाता है। यह दिन गैंडों के संरक्षण और उनकें अस्तित्व को बचाने के प्रति जागरूकता फैलानें के लिए समर्पित हैं। इसकी शुरुआत सबसे पहले 2010 में WWF-दक्षिण अफ्रीका द्वारा की गई थी और तब से यह एक वैश्विक आंदोलन बन गया। विश्व स्तर…

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चीता परियोजना के सफल तीन वर्ष

‘प्रोजेक्ट चीता को ‘इनोवेटिव इनिशिएटिव्स अवॉर्ड’ भोपाल : पालपुर कूनो राष्ट्रीय उद्यान में बढ़ते चीतों के परिवार के साथ मध्यप्रदेश एशिया का गौरव बन गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर 3 वर्ष पूर्व मध्यप्रदेश को चीता परियोजना की सौगात मिली थी। प्रधानमंत्री मोदी ने 17 सितम्बर 2022 को अपने जन्म दिवस पर पहले…

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तो क्या अब इंसानो के पास होगा जंगली जानवरों को मारने का ‘लाइसेंस’?

तिरुवनंतपुरम(केरल) केरल सरकार ने मानव-पशु संघर्ष को कम करने के लिए वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 में संशोधन करते हुए इस विधेयक पर मंजूरी दे दी है। बीते शनिवार मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया है, जिसमें अब अगर कोई जंगली जानवर (बाघ,हाथी,तेंदुआ,आदि) इंसानों के लिए खतरा पैदा…

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इको वॉरियर अवार्ड 2025: मध्यप्रदेश के लिए गर्व के क्षण, ‘प्रोजेक्ट चीता’ को मिला सम्मान

नई दिल्ली 11 सितंबर 2025 को दिल्ली में’ इको वॉरियर अवॉर्ड्स’ का आयोजन किया, जिसमे भारत के कई पर्यावरण संरक्षकों और हरित नायकों को सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार समारोह इंडियन मास्टरमाइंड्स और भारतीय वन सेवा (IFS) एसोसिएशन द्वारा आयोजित किया जाता है। 2025 का अवार्ड आयोजन इसका तीसरा संस्करण रहा। इसमे विभिन्न श्रेणियों मे…

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केवल बाघों तक सीमित नहीं हैं बाघ अभयारण्‍य, भारतीय वनों और नदियों का भी करते है संरक्षण।

भारत भारत की भूमि का 2.57% हिस्सा बाघ अभयारण्यों के अंदर आते हैं, जोकि भारतीय वनों और नदियों की जीवनरेखा मे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। देश मे अभी तक कुल 58 बाघ अभयारण्‍य हैं। 18 राज्यों और 5 परिदृश्यों तक फैले ये अभयारण्य सिर्फ़ बाघ ही नहीं, बल्कि पूरे भारतीय वन पारिस्थितिकी तंत्र के लिए…

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छत्तीसगढ़ बन रहा हैं टाइगर स्टेट! 3 साल में दोगुनी हुई बाघों की संख्या, सीएम बोले- संरक्षण हमारी प्राथमिकता

रायपुर(छत्तीसगढ़) छत्तीसगढ़ में बाघों की संख्या पिछले तीन वर्षों में दोगुनी हो गई है। साल 2022 मे जो आंकडे 17 थे, वे अब 2025 मे बढ़ कर 35 हो गए है। यह महत्वपूर्ण जानकारी वन विभाग द्वारा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता मे आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य वन्यजीव कल्याण बोर्ड की 15वीं बैठक में पेश…

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