अंतरराष्ट्रीय मानव बंधुता दिवस और हमारा पर्यावरण

“विभाजन पर संवाद” — शांति और पर्यावरण का साझा सूत्र संयुक्त राष्ट्र द्वारा 4 फरवरी को अंतरराष्ट्रीय मानव भ्रातृत्व दिवस मनाया जाता है। वर्ष 2021 से आरंभ हुए इस दिवस की इस वर्ष की थीम है— “विभाजन पर संवाद”। इस दिवस का उद्देश्य अंतरधार्मिक और अंतर-सांस्कृतिक संवाद को बढ़ावा देना है, क्योंकि पर्यावरणीय स्थिरता, शांति…

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International Day of Human Fraternity and our Environment

Building Harmony Between Humanity and Nature “The International Day of Human Fraternity” is celebrated by the United Nations on February 4 since 2021 with this year’s theme, “Dialogue Over Division.” The observance is to promote interreligious and intercultural dialogue as the environmental sustainability, peace and social justice are inseparable, and degradation of nature often stems…

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विश्व आर्द्रभूमि दिवस 2026 एवं मणिपुर की लोकतक झील

(विषय: आर्द्रभूमि और मानव कल्याण) लोकतक झील के पारिस्थितिक क्षरण और संरक्षण पर संदेश डॉ. राजकुमार रंजन सिंह लोकतक झील, जो उत्तर–पूर्व भारत की सबसे बड़ी मीठे पानी की झील और अंतरराष्ट्रीय महत्व की रामसर साइट है, एक अत्यंत महत्वपूर्ण नदी–झील (फ्लूवियल-लैकस्ट्राइन) पारिस्थितिकी तंत्र है। इसका स्वास्थ्य उन हजारों लोगों के कल्याण से सीधे जुड़ा…

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WORLD WETLANDS DAY 2026 AND THE LOKTAK LAKE OF MANIPUR

MESSAGE ON ECOLOGICAL DEGRADATION AND CONSERVATION OF LOKTAK LAKE (Theme: Wetlands and Human Wellbeing) Dr. Rajkumar Ranjan Singh Loktak Lake, the largest freshwater lake in Northeast India and a Ramsar site of international importance, stands as a critical fluvial-lacustrine ecosystem whose health in intrinsically linked to the wellbeing of thousands who depend upon it. On…

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बाढ़ में बिछड़े गैंडों की घर-वापसी, चार साल बाद मिला अपनो का साथ

काजीरंगा (असम) अपनो का साथ अपना ही होता है, फिर चाहे वो जानवर हो या इंसान। यह खबर कसम के काजीरंगा नेशनल पार्क से संबंधित है, जहां 20 जनवरी 2026 (मंगलवार) को चार साल पहले बाढ़ में बिछड़े दो गैंडों को उनके घर पहुंचाया गया। ये दोनों गैंडे अपने परिवार से बिछड़ गए थे, जिन्हें…

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वसंत पंचमी: ज्ञान, संस्कृति और पर्यावरण से जुड़ाव का पर्व

बदलते मौसम में प्रकृति और मानव का गहरा संबंध चंदेल,मणिपुर | वसंत पंचमी भारत में पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाने वाला पर्व है। ‘वसंत’ का अर्थ है ऋतु और ‘पंचमी’ का अर्थ है पाँचवाँ दिन। यह पर्व माघ मास की शुक्ल पंचमी को मनाया जाता है और वसंत ऋतु के आगमन का…

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‘कैमूर वन्यजीव अभयारण्य’ बनेगा बिहार का दूसरा बाघ अभयारण्य

कैमूर (बिहार) जल्द ही बिहार को उसका दूसरा टाइगर रिजर्व मिलने वाला है। हाल ही में राज्य सरकार ने कैमूर वन्यजीव अभयारण्य को बिहार के दूसरे बाघ अभयारण्य के रूप में मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही राज्य सरकार ने केंद्र सरकार और एनटीसीए को इसे अधिकारिक रूप से मान्यता प्रदान करने के लिए…

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दिल्ली चिड़ियाघर की क्रूरता…. सियार को जिंदा जलाने का आरोप

नई दिल्ली दिल्ली चिड़ियाघर से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे सुनकर आपकी रूह कांप जाएंगी। हाल ही में नेशनल जू वर्कर्स यूनियन ने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को पत्र लिखकर यह आरोप लगाया है कि नवंबर माह में जू में एक सियार को जिंदा जला कर मार दिया गया और सबूत…

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हाथी के ‘खूनी आतंक’ से जूझ रहा है झारखंड…

चाईबासा (झारखंड) झारखंड के पश्चिमी सिंहभूमि जिले में पिछले कुछ दिनों से एक खूंखार हाथी ने आतंक मचा रखा है। खून का प्यासा यह हाथी अबतक 22 लोगों को अपना शिकार बना चुका है। उसके इस खूनी आतंक का सिलसिला दिसंबर से शुरू हुआ लेकिन, इस साल की शुरुआत में अपनी चरम पर पहुंच गया।…

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वन अधिकार अधिनियम पर विवाद: नेक कानून कैसे बन गया राजनीतिक हथियार?

“ऐतिहासिक अन्याय को दूर करने वाला वन अधिकार अधिनियम आज अधिकार, संरक्षण और राजनीति के टकराव का केंद्र बन गया है।” प्रशांत मेश्राम, भोपाल | विगत वर्षों में भारत में वनाधिकार अधिनियम या Forest Rights Act (FRA), 2006 को आदिवासी एवं वन आश्रित समुदायों के हितों की रक्षा और उनके पारंपरिक अधिकारों को मान्यता देने…

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